मोहम्मद रफी ने 'बाबुल की दुआएं लेती जा' रिकॉर्ड करते समय बहाए आंसू

फिल्में
N
News18•31-01-2026, 17:02
मोहम्मद रफी ने 'बाबुल की दुआएं लेती जा' रिकॉर्ड करते समय बहाए आंसू
- •1968 की फिल्म नील कमल का प्रतिष्ठित गीत 'बाबुल की दुआएं लेती जा, जा तुझे सुखी संसार मिले' भारतीय शादियों में, विशेषकर विदाई समारोह के दौरान, एक अभिन्न अंग बना हुआ है.
- •मोहम्मद रफी गीत रिकॉर्ड करते समय भावनाओं से अभिभूत हो गए थे, गाते समय उनकी आँखों में आँसू आ गए थे, कथित तौर पर एक दिन पहले उनकी बेटी की सगाई हुई थी.
- •रवि द्वारा संगीतबद्ध और साहिर लुधियानवी द्वारा लिखित, रफी के भावपूर्ण गायन ने पिता के निस्वार्थ प्रेम और भावनात्मक विदाई को पूरी तरह से व्यक्त किया.
- •यह गीत नील कमल में बलराज साहनी पर एक भावुक पिता के रूप में और वहीदा रहमान पर बेटी के रूप में फिल्माया गया था, जो राम माहेश्वरी द्वारा निर्देशित एक रोमांटिक थ्रिलर थी.
- •नील कमल एक ब्लॉकबस्टर हिट थी, जो 1968 की तीसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई, और वहीदा रहमान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोहम्मद रफी के 'बाबुल की दुआएं लेती जा' के भावनात्मक रिकॉर्डिंग ने इसे एक चिरस्थायी शादी का क्लासिक बना दिया.
✦
More like this
Loading more articles...





