बेंगलुरु:  महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है. आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि महिलाओं की गरिमा बनी रहे और समाज में जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश जाए. महिला आयोग के पत्र में उल्लेख किया गया है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो फुटेज में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को पुलिस वर्दी में अपने कार्यालय के भीतर महिलाओं के साथ अभद्र और अशोभनीय व्यवहार करते हुए देखा जा रहा है.
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News1821-01-2026, 13:40

DGP राव अश्लील वीडियो: महिला आयोग ने की कार्रवाई की मांग, POSH एक्ट लागू

  • महिला आयोग ने IPS के. रामचंद्र राव के वायरल वीडियो के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और DGP को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.
  • आयोग ने महिलाओं की गरिमा बनाए रखने और ऐसे व्यवहार के प्रति शून्य सहिष्णुता का स्पष्ट संदेश देने के लिए कड़ी सजा की आवश्यकता पर जोर दिया.
  • वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक वरिष्ठ IPS अधिकारी अपने कार्यालय के अंदर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए दिख रहे हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की छवि पर चिंताएं बढ़ गई हैं.
  • यह मामला POSH एक्ट 2013 के अंतर्गत आता है, क्योंकि आरोप कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार से संबंधित हैं; एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है.
  • DGP के. रामचंद्र राव को कर्नाटक सरकार ने निलंबित कर दिया है, और अधिवक्ता नरेश कुमार ने कर्नाटक राज्य महिला आयोग में उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महिला आयोग ने निलंबित DGP के. रामचंद्र राव के खिलाफ POSH एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और स्वतंत्र जांच की मांग की है.

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