ईरान का केशम द्वीप: भूमिगत मिसाइल किले पर अमेरिकी ध्यान – क्या प्रलय आ रही है?
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ईरान का भूमिगत मिसाइल किला: क़ेशम द्वीप पर अमेरिका का ध्यान, क्या प्रलय आ रही है?
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News18•25-03-2026, 04:30
ईरान का भूमिगत मिसाइल किला: क़ेशम द्वीप पर अमेरिका का ध्यान, क्या प्रलय आ रही है?
•ईरान का क़ेशम द्वीप, जो सतह पर एक सुंदर पर्यटन केंद्र है, भूमिगत रूप से हजारों मिसाइलों, ड्रोन और तेज हमलावर नौकाओं का एक 'रणनीतिक ग्राउंड जीरो' है.
•फ़ारसी खाड़ी में सबसे बड़ा द्वीप, क़ेशम होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल 22 किलोमीटर दूर है, जिससे ईरान को वैश्विक तेल और गैस शिपिंग को नियंत्रित करने की शक्ति मिलती है.
•द्वीप में नूर और खलीज फ़ार्स जैसे जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलें, साथ ही शाहब-3, इमाद, सेज्जिल-2, खैबर शिकन और फतह-1 जैसे बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.
•ईरान इस द्वीप का उपयोग अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जवाबी हमलों के लिए करता है, इसे एक रक्षात्मक ढाल और आक्रामक हथियार दोनों मानता है.
•अमेरिका क़ेशम द्वीप को पूरी तरह से नष्ट करने की योजना बना रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कम हो सके, जिसके लिए 2500 अमेरिकी मरीन तैनात किए गए हैं.