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News1802-03-2026, 05:19

अमेरिका-ईरान संघर्ष से भारत की तेल आपूर्ति खतरे में, ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी.

  • दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता भारत, अपनी कच्चे तेल की 85% जरूरतों को आयात करता है, जो प्रतिदिन लगभग 4.7 से 5 मिलियन बैरल है.
  • भू-राजनीतिक बदलावों ने भारत की तेल आयात रणनीति में विविधता लाई है, अब यह केवल मध्य पूर्वी देशों पर निर्भर नहीं है.
  • भारत के शीर्ष कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में इराक (1.03 मिलियन बीपीडी), सऊदी अरब (0.79 मिलियन बीपीडी), यूएई (0.40 मिलियन बीपीडी) और अमेरिका (0.30 मिलियन बीपीडी) शामिल हैं.
  • रूस एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता था, जिसने यूक्रेन युद्ध के बाद रियायती तेल की पेशकश की थी, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने रूस से आयात कम कर दिया है.
  • अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रभावित होंगी.

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