सीकर के हर्ष-रैवासा में 300+ पक्षी प्रजातियों का जमावड़ा, सात समंदर पार से आए मेहमान.

सीकर
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News18•05-01-2026, 11:21
सीकर के हर्ष-रैवासा में 300+ पक्षी प्रजातियों का जमावड़ा, सात समंदर पार से आए मेहमान.
- •सीकर का हर्ष-रैवासा क्षेत्र पक्षियों का नया केंद्र बना, रैवासा झील और आर्द्रभूमि में 300 से अधिक स्थानीय व प्रवासी प्रजातियाँ आकर्षित.
- •अरावली पहाड़ियों के पास का यह शांत वातावरण पक्षी विशेषज्ञों के लिए शोध का केंद्र बन गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है.
- •मैकक्वीन बस्टर्ड, तुर्केस्तान शॉर्ट-टोएड लार्क और यूरोपीय बी-ईटर जैसे दुर्लभ पक्षी देखे गए, जो इसकी अनूठी जैव विविधता को दर्शाते हैं.
- •उत्तरी गोलार्ध, मध्य एशिया, यूरेशिया और अफ्रीका से हजारों किलोमीटर की यात्रा कर प्रवासी पक्षी आते हैं, 50 से अधिक पक्षी प्रेमी हर साल आते हैं, जिससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है.
- •यह क्षेत्र साल भर 150 स्थानीय प्रजातियों, 25 ग्रीष्मकालीन प्रवासी (जैसे कॉमन कुकू) और 125 से अधिक शीतकालीन प्रवासी (जैसे ब्लैक स्टॉर्क) का घर है, जो पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सीकर का हर्ष-रैवासा दुर्लभ पक्षियों का महत्वपूर्ण केंद्र है, जो जैव विविधता और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रहा है.
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