संक्रांति पर चूड़ियों का रहस्य: विषम संख्या और असमान पहनने का महत्व.

धर्म
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News18•05-01-2026, 16:11
संक्रांति पर चूड़ियों का रहस्य: विषम संख्या और असमान पहनने का महत्व.
- •मकर संक्रांति विवाहित महिलाओं के लिए एक शुभ अवसर है, जहाँ चूड़ियाँ सौभाग्य का प्रतीक हैं.
- •परंपरा के अनुसार, दोनों हाथों में चूड़ियों की कुल संख्या विषम होनी चाहिए (जैसे 23), जिससे 'शक्ति' जागृत होती है.
- •असमान संख्या में चूड़ियाँ पहनना (जैसे एक हाथ में 11, दूसरे में 12) सूर्य-चंद्र ऊर्जा को संतुलित करता है, नकारात्मकता दूर करता है.
- •हरे कांच की चूड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है, पति की लंबी उम्र और 'अहेव' (वैवाहिक सुख) के लिए एक अतिरिक्त चूड़ी पहनी जाती है.
- •असमान चूड़ियाँ स्पष्ट ध्वनि तरंगें उत्पन्न करती हैं, जो घर के वातावरण को शुद्ध करती हैं और समृद्धि का प्रतीक हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: संक्रांति पर चूड़ियों की विषम संख्या और असमान पहनने की परंपरा आध्यात्मिक संतुलन और समृद्धि के लिए है.
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