पुरुलिया में डीजे की दादागिरी पर लोक कलाकारों का वार, मानभूम संस्कृति बचाने का संकल्प.

दक्षिण बंगाल
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News18•03-01-2026, 20:43
पुरुलिया में डीजे की दादागिरी पर लोक कलाकारों का वार, मानभूम संस्कृति बचाने का संकल्प.
- •पुरुलिया के पिकनिक स्थलों, विशेषकर कुमारी बांध पर डीजे संगीत के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ लोक कलाकारों ने विरोध प्रदर्शन किया.
- •मानभूम की पारंपरिक संस्कृति, जैसे झुमुर और टुसू गीतों को बचाने के लिए यह पहल की गई है.
- •कलाकारों ने जागरूकता फैलाने के लिए ढोल, धामसा और मादल की थाप पर झुमुर और टुसू गीत प्रस्तुत किए.
- •मानभूम संस्कृति संरक्षण समिति के सचिव गोबिंदलाल महतो ने कहा कि अश्लील डीजे गाने लोक संगीत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
- •यह सांस्कृतिक विरोध झुमुर और छाऊ जैसे पारंपरिक रूपों के विकृति को रोकने का प्रयास है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुरुलिया के लोक कलाकार डीजे संगीत के प्रभाव से मानभूम की संस्कृति को सक्रिय रूप से बचा रहे हैं.
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