
वैभव सूर्यवंशी के परिवार ने उन्हें उनकी यात्रा की शुरुआत से ही प्यार और समर्थन दिया। उनके पिता ने उन्हें चार साल की उम्र से ही क्रिकेट में मार्गदर्शन दिया, इससे पहले कि वे औपचारिक प्रशिक्षण के लिए चले जाते।
वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है। उन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।