पृथ्वी पर 25 घंटे का दिन: क्या यह भविष्य की सच्चाई है? वैज्ञानिक कर रहे खुलासा.

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News18•13-01-2026, 14:45
पृथ्वी पर 25 घंटे का दिन: क्या यह भविष्य की सच्चाई है? वैज्ञानिक कर रहे खुलासा.
- •वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी की धीमी गति के कारण भविष्य में 25 घंटे का दिन संभव है.
- •चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल, जो ज्वार-भाटा पैदा करता है, पृथ्वी के घूमने की गति को धीमा करने का मुख्य कारण है.
- •जलवायु परिवर्तन, पिघलती बर्फ की चादरें (ग्रीनलैंड, अंटार्कटिक) और बढ़ता समुद्री स्तर भी पृथ्वी के घूर्णन को प्रभावित करते हैं.
- •पृथ्वी के आंतरिक भाग (मेंटल और कोर) की गति का भी घूर्णन गति पर मामूली प्रभाव पड़ता है.
- •वैज्ञानिक पृथ्वी के घूर्णन में इन छोटे बदलावों को मापने के लिए उन्नत भूगणित तकनीक का उपयोग करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण और जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी का घूर्णन धीमा हो रहा है, जिससे 200 मिलियन वर्षों में 25 घंटे का दिन हो सकता है.
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