पीलीभीत का रोहिल्ला इतिहास: मस्जिदें, मंदिर और पुल बताते हैं गौरवशाली अतीत.

पीलीभीत
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News18•19-12-2025, 20:56
पीलीभीत का रोहिल्ला इतिहास: मस्जिदें, मंदिर और पुल बताते हैं गौरवशाली अतीत.
- •हाफिज रहमत खान ने 1748 में पीलीभीत को रोहिलखंड की राजधानी बनाया, जिसके बाद कई मस्जिदों का निर्माण हुआ.
- •पीलीभीत की जामा मस्जिद, दिल्ली की जामा मस्जिद की प्रतिकृति है, और गौरी शंकर मंदिर का भव्य द्वार गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है.
- •सुबेदार अली मोहम्मद खान द्वारा 1734 में निर्मित मंदिर का द्वार 1999 में ढह गया था, और जीर्णोद्धार के प्रयास रुके हुए हैं.
- •अन्य धरोहरों में खाकरा पुल और एक ऐतिहासिक हमाम शामिल हैं, जो अब जिला अस्पताल का स्थल है, दोनों उपेक्षा का शिकार हैं.
- •ये स्थल पीलीभीत के समृद्ध रोहिल्ला इतिहास की कहानी कहते हैं, हालांकि कई संरक्षण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पीलीभीत की रोहिल्ला-युग की धरोहरें, जिनमें मस्जिदें, मंदिर और पुल शामिल हैं, इसके समृद्ध अतीत की गवाही देती हैं.
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