हिमालयन डॉग की कहानी 
बागेश्वर
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News1826-12-2025, 13:21

हिमालयन डॉग: बाघों से भी नहीं डरता यह पहाड़ी रक्षक, अब विलुप्ति का खतरा.

  • हिमालयी क्षेत्रों (उत्तराखंड, हिमाचल, तिब्बत, नेपाल) में उत्पन्न, सदियों से भेड़-बकरियों की रक्षा करता है.
  • विशालकाय शरीर, घने फर, मजबूत जबड़े, 40-60 किलोग्राम वजन, अत्यधिक ठंड और ऊंचाई के लिए अनुकूलित.
  • बाघ, तेंदुए और भालू जैसे खतरनाक जानवरों से भी नहीं डरता, अपने झुंड की रक्षा के लिए निडरता से लड़ता है.
  • मुख्यतः कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में पाया जाता है, भोटिया समुदाय का अभिन्न अंग.
  • आधुनिक जीवनशैली और पशुपालन में कमी के कारण इसकी संख्या घट रही है, संरक्षण की तत्काल आवश्यकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह निडर हिमालयी रक्षक, एक सांस्कृतिक विरासत, विलुप्ति का सामना कर रहा है; तत्काल संरक्षण आवश्यक है.

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