नए साल 2026 का जश्न: वैश्विक परंपराएं, भारतीय विविधता और नई शुरुआत की शक्ति.

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News18•01-01-2026, 08:43
नए साल 2026 का जश्न: वैश्विक परंपराएं, भारतीय विविधता और नई शुरुआत की शक्ति.
- •ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी को दुनिया भर में नए साल का जश्न उत्साह और नई उम्मीदों के साथ मनाया जाता है.
- •स्पेन में 12 अंगूर खाने से लेकर जापान में मंदिर की प्रार्थना और अमेरिका में टाइम्स स्क्वायर बॉल ड्रॉप तक, उत्सव विश्व स्तर पर भिन्न होते हैं.
- •भारत में ग्रेगोरियन नव वर्ष के साथ-साथ गुड़ी पड़वा, उगादी, बैसाखी और पोहेला बोइशाख जैसे कई पारंपरिक नव वर्ष मनाए जाते हैं.
- •नया साल आत्म-चिंतन, संकल्प लेने और 'नया साल, नया मैं' मानसिकता के लिए सकारात्मक बदलाव लाने का समय है.
- •यह विचारों, आदतों और कार्यों को बदलने का अवसर है, केवल एक जादुई तारीख नहीं, जो नई आशाओं और सकारात्मक जीवन को प्रेरित करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नया साल आशा, आत्म-चिंतन और व्यक्तिगत परिवर्तन का वैश्विक उत्सव है, जो नई शुरुआत को प्रेरित करता है.
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