गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि: 1950 से 2026 तक की पूरी सूची और महत्व

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News18•26-01-2026, 06:30
गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि: 1950 से 2026 तक की पूरी सूची और महत्व
- •भारत का गणतंत्र दिवस परेड कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और वैश्विक साझेदारी का प्रदर्शन करता है.
- •1950 से, भारत ने विदेशी राष्ट्राध्यक्षों या शासनाध्यक्षों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है, जो इसकी विदेश नीति प्राथमिकताओं को दर्शाता है.
- •प्रमुख मुख्य अतिथियों में सुकर्णो (1950), महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (1961), नेल्सन मंडेला (1995), व्लादिमीर पुतिन (2007) और बराक ओबामा (2015) शामिल हैं.
- •77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे, जो भारत-यूरोपीय संघ के जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है.
- •यह निमंत्रण यूरोपीय संघ को एक रणनीतिक भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती मान्यता को उजागर करता है और भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि 1950 से भारत की बदलती विदेश नीति और वैश्विक साझेदारी को दर्शाते हैं.
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