बांकुरा का भूला हुआ इतिहास: सिमाफोर टॉवर का आश्चर्यजनक उपयोग एक ऑप्टिकल टेलीग्राफ के रूप में
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बांकुड़ा के भूले हुए सेमाफोर टावर: प्राचीन संचार रहस्यों का अनावरण.
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News18•23-03-2026, 08:01
बांकुड़ा के भूले हुए सेमाफोर टावर: प्राचीन संचार रहस्यों का अनावरण.
•बांकुड़ा के छतना क्षेत्र में एक भूला हुआ अवशेष है: 'सेमाफोर टावर' या 'मचान', जो आधुनिक तकनीक से पहले संचार का एक प्राथमिक साधन था.
•ये टावर प्रकाश, धुएं या झंडों का उपयोग करके संदेशों का आदान-प्रदान करते थे, एक टावर से दूसरे टावर तक संकेतों को भेजते थे.
•ऐसा ही एक टावर छतना में कामार कुली मोड़ के पास है, अन्य बांकुड़ा में ओंडा से गढ़ पंचकोट तक पाए जाते हैं, जो दृष्टि-रेखा संचार के लिए स्थित हैं.
•क्षेत्रीय शोधकर्ता स्वराज मित्रा बताते हैं कि ये 40-50 फीट ऊंचे टावर आधार पर चौड़े थे, ऊपर की ओर पतले होते थे, और दृश्यता के लिए मजबूत बनाए गए थे.
•सेमाफोर टावर 'पारंपरिक' सूचना प्रौद्योगिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो त्वरित, सटीक संदेश वितरण के लिए मानवीय कौशल और विशिष्ट संकेत भाषाओं पर निर्भर करते हैं, जो अब बांकुड़ा की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.