
सिलीगुड़ी बंगाल सफारी में एक नई बाघिन लाई जा रही है ताकि प्रजनन सुनिश्चित किया जा सके और वहां के बाघों का भविष्य बदला जा सके। इस कदम का उद्देश्य बाघों की आबादी का विस्तार करना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है।
बाघों की आबादी में अंतःप्रजनन से शावकों में मृत्यु दर अधिक होती है। शोध से पता चलता है कि अंतःप्रजनन से पैदा हुए लगभग 80% शावक जन्म के तुरंत बाद मर जाते हैं।
प्रदान किए गए स्रोत सीधे तौर पर इस बात का उल्लेख नहीं करते हैं कि क्या किसी आदान-प्रदान से बाघों की आनुवंशिक विविधता में सुधार होगा।