डोल उत्सव: कांटेदार तार की बाधाएं तुच्छ, काटोया में दो बंगालों का मिलन.

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News18•03-03-2026, 01:41
डोल उत्सव: कांटेदार तार की बाधाएं तुच्छ, काटोया में दो बंगालों का मिलन.
- •डोल उत्सव के दौरान काटोया का बिकीहाट बिश्वशुक मिलन मठ दोनों बंगालों के भक्तों के लिए मिलन स्थल बन गया है.
- •राज्य के विभिन्न हिस्सों से और कुछ बांग्लादेश से तीर्थयात्री इकट्ठा होते हैं, हालांकि कई वीजा समस्याओं के कारण नहीं आ सके.
- •सोमवार से शुरू हुए इस उत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, समारोह और अबीर (रंगीन पाउडर) से खेलना शामिल है.
- •1946 में गोपालगंज से आए वैष्णव साधक शुकदेव ब्रह्मचारी द्वारा स्थापित, यह मठ एक सामुदायिक केंद्र बन गया.
- •हर साल डोल उत्सव के लिए एक लाख से अधिक भक्त चार दिनों तक कृष्ण नाम संकीर्तन, पालकीर्तन और पूजा-अर्चना के लिए इकट्ठा होते हैं.
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