नेताजी का 1940 का ऐतिहासिक बांकुड़ा दौरा: स्वतंत्रता संग्राम का एक अनजाना अध्याय

पश्चिम बंगाल
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News18•23-01-2026, 11:10
नेताजी का 1940 का ऐतिहासिक बांकुड़ा दौरा: स्वतंत्रता संग्राम का एक अनजाना अध्याय
- •नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अप्रैल 1940 में बांकुड़ा जिले का दौरा किया, जो स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण घटना थी.
- •28 अप्रैल, 1940 को नेताजी ने गंगाजलघाटी में एक बैठक की और देशबंधु विद्यालय में देशबंधु चित्तरंजन दास की विरासत पर भाषण दिया.
- •उनके दौरे, जिसमें अमर कानन और देसुरिया भी शामिल थे, ने बंगाल में ब्रिटिश विरोधी आंदोलन को फिर से सक्रिय किया.
- •नेताजी की बांकुड़ा के क्रांतिकारी नेता गोविंदप्रसाद सिंघा के साथ घनिष्ठ मित्रता थी, जैसा कि 'गोबिंदा दर्पण' में वर्णित है.
- •बांकुड़ा के निवासी आज भी नेताजी के दौरे को याद करते हैं, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में जिले की अक्सर अनदेखी की गई भूमिका को उजागर करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का 1940 में बांकुड़ा दौरा भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण, फिर भी अक्सर भुला दिया गया क्षण था.
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