सरकार ने साफ किया है कि EU से आने वाली नॉन-EV कारों पर जो राहत मिलेगी, वह उनके "रिटेल प्राइस" पर नहीं बल्कि उनके भारत पहुंचने के "लैंडिंग प्राइस" पर आधारित होगी. यह लैंडिंग प्राइस लगभग 15,000 यूरो यानी करीब 15 लाख रुपये माना गया है. इसके बाद रजिस्ट्रेशन, GST (28% या 40%), बीमा, लॉजिस्टिक्स और बाकी टैक्स मिलकर कार की भारत में अंतिम कीमत बढ़ाते हैं.
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CNBC Awaaz27-01-2026, 14:10

भारत-ईयू एफटीए: लग्जरी कारें होंगी सस्ती, शुल्क 110% से घटकर 35% पर आएगा

  • भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली है, जिसके 2027 तक लागू होने की उम्मीद है.
  • यह समझौता यूरोपीय संघ से आयातित ₹25 लाख से अधिक कीमत वाली प्रीमियम कारों पर आयात शुल्क को 66-110% से घटाकर धीरे-धीरे 30-35% कर देगा.
  • शुल्क में कमी कोटा-आधारित होगी, जिसमें कोटा सालाना बढ़ेगा, और यूरोपीय संघ की पेट्रोल-डीजल कारों, ईवी और भारी वाहनों के लिए चरणबद्ध पहुंच होगी.
  • भारतीय कारों को यूरोपीय संघ के बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा निर्यात अवसर मिलेगा.
  • बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज और वोक्सवैगन जैसे यूरोपीय लग्जरी ब्रांडों को लाभ होगा, जबकि भारत के ईवी क्षेत्र को एफटीए के पांचवें वर्ष से शुरू होने वाले आयात कोटा के साथ संरक्षित किया गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए भारत में लग्जरी कारों को सस्ता करेगा और भारतीय वाहन निर्माताओं के लिए नए निर्यात रास्ते खोलेगा.

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