भारत की सबसे घातक खदान दुर्घटनाएँ: चासनाल से आसनसोल तक, राष्ट्र को झकझोरने वाली त्रासदी

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CNBC TV18•13-01-2026, 18:11
भारत की सबसे घातक खदान दुर्घटनाएँ: चासनाल से आसनसोल तक, राष्ट्र को झकझोरने वाली त्रासदी
- •आसनसोल (2026): बोरडीला में हाल ही में कोयला खदान ढही, कई लोगों के फंसे होने की आशंका; BCCL ने अवैध खनन बताया.
- •चासनाल (1975): भारत की सबसे घातक आपदा, बाढ़ से 372 खनिक मारे गए; कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण और कोल इंडिया का गठन हुआ.
- •धनबाद (1965): धोरी कोलियरी आपदा, मीथेन विस्फोट से 268 जानें गईं; खराब वेंटिलेशन के मुद्दों को उजागर किया.
- •रानीगंज (1989): एक ढहने से कई श्रमिक मारे गए, जिससे पुरानी सुरंगों और सुरक्षा ऑडिट की कमी के जोखिम सामने आए.
- •लालमाटिया (2016): एक ओपन-कास्ट खदान में कोयले के ढेर के ढहने से 23 ठेका श्रमिक मारे गए, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ीं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का खनन इतिहास विनाशकारी दुर्घटनाओं से भरा है, जिसने सुरक्षा सुधारों और राष्ट्रीय ध्यान को प्रेरित किया है.
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