
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की आवश्यकता होती है, जैसे पानी का छिड़काव, डस्ट स्क्रीन, सेंसर और एंटी-स्मॉग गन।
उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि उचित सावधानी बरतने पर इस त्रासदी को रोका जा सकता था, क्योंकि यह लापरवाही के कारण हुई थी।
लापरवाह बिल्डरों को लापरवाही से मौत का कारण बनने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत एफआईआर सहित दंड का सामना करना पड़ेगा।