Alandi: 456 वर्षांपूर्वीचा ‘तो’ दरवाजा, 30 कारागीर नव्याने बनवणार, ज्ञानेश्वर माऊलींशी थेट कनेक्शन
पुणे
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News1811-02-2026, 15:24

आलंदी मंदिर का 456 साल पुराना दरवाजा फिर से बनेगा, 30 कारीगर तैयार करेंगे नया सागौन का प्रवेश द्वार.

  • आलंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज समाधि मंदिर का 456 साल पुराना पश्चिममुखी 'पान दरवाजा' बदला जा रहा है.
  • यह पहल विश्वकर्मा पांचाल सुतार समाज और सामाजिक संगठनों द्वारा मंदिर समिति की अनुमति से की जा रही है.
  • प्रल्हाद आगलावे के मार्गदर्शन में लगभग 30 कुशल कारीगर शुद्ध सागौन की लकड़ी से 12 फीट ऊंचा, 8 फीट चौड़ा नया दरवाजा बना रहे हैं.
  • परियोजना की अनुमानित लागत छह से सात लाख रुपये है, जिसमें महाराष्ट्र वन विकास निगम से 700 किलोग्राम सागौन की लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है.
  • 1570 में निर्मित पान दरवाजा ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह माउली के दर्शन का प्रवेश द्वार है और यहीं निवृत्तिनाथ, सोपानदेव और मुक्ताबाई ने माउली को अंतिम विदाई दी थी.

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