'मिट्टी में मिलने से अच्छा, किसी के काम आएगा!' बेटे की मौत पर पिता का अंगदान का फैसला, डॉक्टर भी भावुक.
'मिट्टी में मिलने से अच्छा, किसी के काम आएगा!' बेटे की मौत पर पिता का अंगदान का फैसला, डॉक्टर भी भावुक.
- •बीड़ के राक्षसभुवन के 21 वर्षीय संग्राम रमेश गाडे की पुणे के जेजुरी में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई.
- •असीम दुख के बावजूद, उनके पिता रमेश गाडे ने संग्राम के अंग दान करने का साहसिक निर्णय लिया.
- •5 मार्च को गंभीर सिर की चोट के बाद संग्राम को सह्याद्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया.
- •पिता के इस निस्वार्थ निर्णय से पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलेगा.
- •गाडे परिवार की यह मानवीयता पूरे महाराष्ट्र में सराही जा रही है और अंगदान के बारे में गलत धारणाओं को दूर करती है.