संतों पर गोविंदगिरी महाराज का विवादित बयान; देहू संस्थान ने तुरंत स्पष्टीकरण दिया, महाराज को फटकारा
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गोविंदगिरी महाराज के 'संतों' पर विवादित बयान से हंगामा, देहू संस्थान ने दी सफाई.
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News18•02-03-2026, 21:14
गोविंदगिरी महाराज के 'संतों' पर विवादित बयान से हंगामा, देहू संस्थान ने दी सफाई.
•स्वामी गोविंदगिरी महाराज ने पुणे विश्वविद्यालय में एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने केवल दासबोध को एक पवित्र ग्रंथ बताया और ज्ञानेश्वरी, एकनाथी भागवत और गाथाओं को टीका या संकलन कहा.
•उन्होंने स्वतंत्र पवित्र ग्रंथ लिखने के लिए रामदास स्वामी को आदर्श बताया.
•जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज संस्थान के ट्रस्टी दिलीप महाराज मोरे ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह गोविंदगिरी महाराज की निजी राय है.
•देहू संस्थान ने गोविंदगिरी महाराज को फटकार लगाई, ज्ञानेश्वरी और तुकाराम के अभंगों के गहरे महत्व पर जोर दिया.
•संस्थान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तुकाराम के अभंगों को पांचवां वेद माना जाता है और वे सूर्य, चंद्रमा और तारों के अस्तित्व तक बने रहेंगे.