भोगी पोंगल 2026: 4 दिवसीय त्योहार आज से शुरू, जानें रीति-रिवाज और महत्व.

धर्म
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Moneycontrol•13-01-2026, 08:25
भोगी पोंगल 2026: 4 दिवसीय त्योहार आज से शुरू, जानें रीति-रिवाज और महत्व.
- •भोगी पोंगल दक्षिण भारत और तमिल समुदाय द्वारा विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले चार दिवसीय पोंगल त्योहार का पहला दिन है.
- •इस त्योहार का मुख्य उद्देश्य पुरानी वस्तुओं को त्यागना, घरों की सफाई करना और नकारात्मकता को दूर करने के लिए अलाव जलाना है.
- •भगवान इंद्र को समर्पित, भोगी पोंगल 13 जनवरी को मकर संक्रांति से एक दिन पहले तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में मनाया जाता है.
- •मुख्य अनुष्ठानों में घरों को कोलम, गेंदे के फूल और आम के पत्तों से सजाना, और गुड़ियों के साथ 'बोम्मालु कोलूवु' की व्यवस्था करना शामिल है.
- •नए चावल, गन्ने और हल्दी से विशेष व्यंजन तैयार किए जाते हैं, कृषि उपकरणों की पूजा की जाती है, और बच्चों पर आशीर्वाद के लिए 'रेगी पल्लू' बरसाया जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भोगी पोंगल नई शुरुआत, पुरानी चीजों को त्यागने और पारंपरिक अनुष्ठानों व सामुदायिक भावना के साथ समृद्धि का प्रतीक है.
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