भगवान शिव को समर्पित इस व्रत में प्रदोष काल में पूजा का विधान है।
धर्म
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Moneycontrol15-12-2025, 14:09

2025 का आखिरी प्रदोष व्रत 17 दिसंबर को, बन रहे दुर्लभ शुभ योग.

  • * 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत 17 दिसंबर को मनाया जाएगा, जिसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा.
  • * यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा पाने, बाधाएं दूर करने तथा इच्छाएं पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
  • * 17 दिसंबर को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, सुकर्मा और धृति जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व बढ़ गया है.
  • * पूजा का शुभ समय शाम 05:27 बजे से रात 08:11 बजे तक रहेगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह व्रत कई शुभ योगों के कारण अत्यधिक फलदायी है.

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