माघ गणेश जयंतीला या गोष्टी केल्यास बाप्पा होतील प्रसन्न, या चुका टाळाच
धर्म
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News1822-01-2026, 07:42

माघी गणेश जयंती: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और क्या करें-क्या न करें

  • माघी गणेश जयंती को माघ विनायक चतुर्थी, वरद चतुर्थी और तिलकुंड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है.
  • इस वर्ष यह चतुर्थी 22 जनवरी को सुबह 2:48 बजे शुरू होकर 23 जनवरी को सुबह 2:29 बजे समाप्त हुई.
  • गणपति बाप्पा की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:28 बजे से दोपहर 1:42 बजे तक था, जो अभिषेक और अनुष्ठान के लिए आदर्श है.
  • भक्तों को पूरे दिन गणपति की पूजा करनी चाहिए, 'ओम गम गणपतये नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए, दूर्वा घास और फूल चढ़ाने चाहिए, और यदि संभव हो तो उपवास रखना चाहिए.
  • चंद्रमा को देखने, मांसाहारी भोजन या शराब का सेवन करने, बहस करने, अपशब्दों का प्रयोग करने और गणपति को तुलसी चढ़ाने से बचें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: माघी गणेश जयंती गणपति बाप्पा की भक्तिपूर्ण पूजा का दिन है, जिसमें विशिष्ट अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और कुछ कार्यों से बचा जाता है.

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