गरुड़ पुराण में कहा गया है कि अमावस्या पर किए गए दान से पूर्वजों को शांति मिलती है।
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Moneycontrol17-12-2025, 07:00

पौष अमावस्या 2025: जानें सही तिथि, मुहूर्त और पितरों के तर्पण का महत्व.

  • पौष अमावस्या 2025, 19 दिसंबर को है, जो पितृ तर्पण, स्नान, दान और सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है.
  • इसे छोटा पितृ पक्ष भी कहते हैं; गरुड़ पुराण के अनुसार, इस दिन दान करने से पितरों को शांति मिलती है.
  • स्नान और दान का शुभ मुहूर्त: सुबह 5:19 बजे से 6:14 बजे तक; पितृ तर्पण का समय: दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक.
  • स्कंद पुराण के अनुसार, सूर्य देव को अर्घ्य देने से नकारात्मकता दूर होती है, स्वास्थ्य सुधरता है और ऊर्जा बढ़ती है.
  • अनुष्ठानों में सुबह स्नान, सूर्य को अर्घ्य, पितृ तर्पण, और जरूरतमंदों, गायों व पक्षियों को दान शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 19 दिसंबर को पौष अमावस्या 2025 पितरों की शांति, स्वास्थ्य और आशीर्वाद के लिए महत्वपूर्ण है.

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