पौष मास की पूर्णिमा को शाकंभरी जयंती के साथ ये उत्सव सम्पन्न होता है।
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Moneycontrol03-01-2026, 12:55

शाकंभरी पूर्णिमा 2026: आज शाकंभरी जयंती, जानें पूजा विधि और महत्व.

  • शाकंभरी पूर्णिमा 2026, जिसे पौष पूर्णिमा भी कहते हैं, शाकंभरी उत्सव का समापन दिवस है.
  • मां शाकंभरी, मां दुर्गा का एक रूप हैं, जिन्हें पोषण, हरियाली और प्रकृति की प्रचुरता की देवी माना जाता है.
  • पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने राक्षस दुर्गम का वध कर पृथ्वी को वनस्पति से पोषित किया, इसलिए उनका नाम शाकंभरी पड़ा.
  • इस दिन पूजा करने और फल-सब्जियां अर्पित करने से स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
  • पूर्णिमा तिथि 2 जनवरी 2026 को शाम 06:53 बजे शुरू होकर 3 जनवरी 2026 को दोपहर 03:32 बजे समाप्त होगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शाकंभरी पूर्णिमा मां शाकंभरी का उत्सव है, जो पोषण और समृद्धि लाती हैं.

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