भारत का ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: कार्बन-मुक्त भविष्य की ओर एक साहसिक कदम

विज्ञान
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Moneycontrol•22-01-2026, 13:02
भारत का ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: कार्बन-मुक्त भविष्य की ओर एक साहसिक कदम
- •भारत 2030 तक 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य लेकर वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन हब बनने की दौड़ में है.
- •नवीकरणीय बिजली से पानी को विभाजित करके उत्पादित ग्रीन हाइड्रोजन, स्टील, उर्वरक और रिफाइनिंग जैसे उद्योगों में जीवाश्म ईंधन का कार्बन-मुक्त विकल्प है.
- •भारत सरकार ने मिशन के लिए ₹19,744 करोड़ का फंड आवंटित किया है, जिसमें NTPC, Adani और Bharat Petroleum जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं.
- •यह उन उद्योगों को डीकार्बोनाइज करेगा जिन्हें विद्युतीकृत करना मुश्किल है, आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगा और 6 लाख नई नौकरियां पैदा करेगा.
- •उच्च लागत, बुनियादी ढांचे की कमी और अपनाने में बाधाएं चुनौतियां हैं, लेकिन सफल विस्तार भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का महत्वाकांक्षी ग्रीन हाइड्रोजन मिशन देश के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने और वैश्विक डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए तैयार है.
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