पश्चिमी घाट में दुर्लभ कृमि जैसे उभयचर, गेगेनोफिस वाल्मीकि की खोज

विज्ञान
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Moneycontrol•23-01-2026, 18:22
पश्चिमी घाट में दुर्लभ कृमि जैसे उभयचर, गेगेनोफिस वाल्मीकि की खोज
- •भारतीय वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट के उत्तरी क्षेत्र में गेगेनोफिस वाल्मीकि नामक एक नई कृमि जैसी उभयचर प्रजाति की खोज की है.
- •ऋषि वाल्मीकि के नाम पर रखी गई यह प्रजाति एक दशक से अधिक समय में अपने वंश में पहली नई खोज है, जो भारत के छिपे हुए वन्यजीवों को उजागर करती है.
- •सीसिलियन पैर रहित, अंधे उभयचर होते हैं जो भूमिगत रहते हैं और मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र में 'मूक इंजीनियर' के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
- •खोज दल में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के डॉ. के.पी. दिनेश, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, बालासाहेब देसाई कॉलेज और म्हादेई अनुसंधान केंद्र शामिल थे.
- •प्रजाति की पहचान आकृति विज्ञान और आनुवंशिक विश्लेषण का उपयोग करके की गई, जो मिट्टी के स्वास्थ्य और जैव विविधता को बनाए रखने में इसके अद्वितीय गुणों और पारिस्थितिक महत्व की पुष्टि करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पश्चिमी घाट में गेगेनोफिस वाल्मीकि नामक एक नए कृमि जैसे उभयचर की खोज भारत की छिपी जैव विविधता को रेखांकित करती है.
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