Illustration of exoplanets (Image: NASA)
विज्ञान
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Moneycontrol16-12-2025, 15:43

दूर के ग्रहों का पता लगाना: वैज्ञानिक कैसे खोजते हैं सौर मंडल से परे की दुनिया.

  • वैज्ञानिक एक्सोप्लैनेट का पता लगाने के लिए रेडियल वेग, खगोलमिति और पारगमन जैसी अप्रत्यक्ष विधियों का उपयोग करते हैं, क्योंकि सीधा अवलोकन दुर्लभ है.
  • रेडियल वेग विधि डॉपलर प्रभाव के माध्यम से तारकीय डगमगाहट को मापती है, जिससे ग्रहों का द्रव्यमान और कक्षा का पता चलता है.
  • पारगमन विधि ग्रहों के गुजरने पर तारों के मंद होने का अवलोकन करती है, जिससे ग्रहों का आकार निर्धारित होता है.
  • ESA का Gaia जैसे अंतरिक्ष मिशन और भविष्य के टेलीस्कोप वायुमंडलीय विरूपण को दूर करने और पहचान को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
  • सीधी इमेजिंग और वासयोग्यता मूल्यांकन के लिए डॉपलर आइसोलेशन, पोलारिमेट्री और नललिंग इंटरफेरोमेट्री जैसी उन्नत तकनीकें विकसित की जा रही हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वैज्ञानिक दूर के एक्सोप्लैनेट का पता लगाने के लिए उन्नत अप्रत्यक्ष विधियों और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं.

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