शेयर बाजार की दिशा अक्सर विदेशी निवेशकों (FIIs) की मनोदशा पर टिकी होती है. जब पैसा आता है, लाल बाजार हरा हो जाता है, और जब वो पैसा निकालते हैं तो हरा बाजार लाल होने में समय नहीं लगता. ऐसा इसलिए क्योंकि FIIs वो मेहमान हैं जो तभी आते हैं जब उन्हें फायदा दिखता है. भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा मजबूत है तभी FIIs चुनिंदा कंपनियों में भारी निवेश झोंक रहे हैं.आज बात उन 8 कंपनियों की जिनमें FII की होल्डिंग 55% से भी ज्यादा है. यानी इन कंपनियों में विदेशी फंड्स की जबरदस्त पकड़ है.
शेयर बाज़ार
C
CNBC Awaaz04-02-2026, 19:37

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी, घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभाला

  • 4 फरवरी, 2026 को NSE पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹250.85 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की.
  • घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने NSE पर ₹6.49 करोड़ की मामूली शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला.
  • NSE, BSE और MSEI को मिलाकर, DIIs ने ₹249.54 करोड़ का शुद्ध निवेश किया, जो उनकी मजबूत गतिविधि को दर्शाता है.
  • सभी एक्सचेंजों (NSE, BSE, MSEI) को मिलाकर FIIs का शुद्ध प्रवाह ₹29.79 करोड़ रहा, जो समग्र रूप से अधिक संतुलित स्थिति का संकेत देता है.
  • आंकड़े बताते हैं कि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, जबकि विदेशी निवेशकों का NSE पर बिकवाली का दबाव बना रहा.

More like this

Loading more articles...