क्या सिर्फ FII होल्डिंग देखकर कूद जाना चाहिए?नहीं!क्योंकि FII का पैसा स्थायी नहीं होता. वो कंपनी के भविष्य को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं, लेकिन जैसे ही मुनाफा दिखता है, वो बिना इमोशन शेयर बेचकर निकल जाते हैं. उनके एक बड़े सेल से शेयर में भारी गिरावट आ सकती है.
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CNBC Awaaz14-12-2025, 14:56

दिसंबर में FPIs की ₹17,955 करोड़ की बिकवाली, बाजार में हलचल.

  • विदेशी निवेशकों (FPIs) ने दिसंबर के पहले दो हफ्तों में भारतीय इक्विटी से ₹17,955 करोड़ निकाले.
  • इस बिकवाली के साथ, 2025 में कुल FPI निकासी ₹1.6 लाख करोड़ (18.4 बिलियन डॉलर) हो गई है.
  • बिकवाली के मुख्य कारणों में रुपये में तेज गिरावट और भारतीय बाजार का महंगा मूल्यांकन शामिल है.
  • अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें, वैश्विक तरलता में सख्ती और विकसित बाजारों में सुरक्षित निवेश भी FPIs की बिकवाली की वजह हैं.
  • विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का ऊंचा इक्विटी मूल्यांकन इसे अन्य उभरते बाजारों की तुलना में कम आकर्षक बनाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: FPIs की बिकवाली भारतीय बाजार की अस्थिरता और निवेशकों के बदलते रुझान को दर्शाती है.

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