कमोडिटी बाजारों में भी भारत का प्रदर्शन कमजोर रहा. सोना 42.5%, चांदी 52% और तांबा 18% की उछाल के साथ डॉलर में बढ़े हैं. इस प्रदर्शन अंतर ने भारत को अन्य उभरते बाजारों की तुलना में विदेशी निवेशकों के लिए कम आकर्षक बनाया है.
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CNBC Awaaz24-12-2025, 14:15

अमेरिका की मजबूती से भारत को झटका: FIIs की वापसी मुश्किल, रुपया कमजोर.

  • Q3 2025 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था 4.3% बढ़ी, जिससे अमेरिकी संपत्ति आकर्षक हुई और फेड पर दर कटौती का दबाव कम हुआ.
  • भारत से FIIs का पलायन: 2025 में ₹1.6 लाख करोड़ की निकासी, अमेरिकी रिटर्न, रुपये की गिरावट (91.07 का रिकॉर्ड निचला स्तर) और हेजिंग लागत में वृद्धि के कारण.
  • 2025 में भारतीय इक्विटी वैश्विक स्तर पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से हैं, और रुपया सबसे अधिक मूल्यह्रास वाली मुद्राओं में से एक है, जिससे विदेशी निवेश बाधित हुआ.
  • JP मॉर्गन बॉन्ड इंडेक्स से $25 बिलियन के प्रवाह की उम्मीदें धूमिल हुईं; घरेलू निवेशकों का समर्थन भी घट रहा है, जिससे वॉल्यूम में कमी आई है.
  • FIIs की वापसी अमेरिकी दर कटौती, भारतीय कॉर्पोरेट आय में सुधार, रुपये की स्थिरता और अधिक आकर्षक मूल्यांकन पर निर्भर करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और कमजोर रुपया FIIs को भारत से दूर कर रहे हैं, जिससे बाजार प्रभावित हो रहे हैं.

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