चौथा कारण- लगातार FII बिकवाली. विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार नौवें सत्र में बिकवाल रहे. शुक्रवार को FIIs ने ₹4,346.13 करोड़ के शेयर बेचे. वीके विजयकुमार के मुताबिक, 16 जनवरी तक जनवरी में कुल FII बिकवाली ₹22,529 करोड़ तक पहुंच चुकी है और 2026 की शुरुआत में भी भारतीय बाजारों का प्रदर्शन अन्य प्रमुख बाजारों से कमजोर बना हुआ है.
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CNBC Awaaz24-02-2026, 07:21

अमेरिकी शेयर बाजार टूटे, लेकिन एशिया क्यों संभला? जानिए बड़ी वजह.

  • अमेरिकी शेयर बाजार (Dow Jones, Nasdaq, S&P 500) AI संबंधी चिंताओं और ट्रंप की टैरिफ चेतावनियों के कारण गिरे.
  • अमेरिकी गिरावट के बावजूद एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, कुछ सूचकांकों में तेजी भी देखी गई (जापान का निक्केई, चीन का शंघाई इंडेक्स).
  • UBS विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई निवेशकों ने टैरिफ और AI जोखिमों का अलग तरह से आकलन किया, जिससे गिरावट सीमित रही.
  • एशियाई बाजार अमेरिकी टेक-हैवी बाजार की तुलना में AI के प्रति कम संवेदनशील हैं और बैंकिंग, औद्योगिक व विनिर्माण क्षेत्रों का अधिक प्रभाव है.
  • ट्रंप की टैरिफ चेतावनी को एशियाई निवेशकों ने बयानबाजी माना, और घरेलू आर्थिक संकेतकों ने उनके बाजार प्रदर्शन में बड़ी भूमिका निभाई.

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