Ultimately, say experts, the future of the Winter Olympics depends on a delicate balance between technological adaptation and global climate action. (Image: Instagram)
खेल
N
News1808-02-2026, 06:43

जलवायु परिवर्तन से शीतकालीन ओलंपिक का भविष्य खतरे में, बर्फ की कमी बनी चुनौती.

  • जलवायु संकट शीतकालीन ओलंपिक खेलों के भूगोल और दीर्घकालिक व्यवहार्यता को मौलिक रूप से बदल रहा है; 1956 के बाद से इतालवी आल्प्स में फरवरी का तापमान 3.6°C बढ़ गया है.
  • एक अध्ययन के अनुसार, यदि वैश्विक उत्सर्जन में भारी कमी नहीं की गई, तो इक्कीस में से केवल एक पूर्व मेजबान स्थल ही इस सदी के अंत तक जलवायु की दृष्टि से विश्वसनीय रह पाएगा.
  • मिलानो कोर्टिना 2026 में तीन मिलियन क्यूबिक गज से अधिक कृत्रिम बर्फ का उपयोग किया जाएगा, जो पानी और ऊर्जा की खपत वाला है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर दबाव डालता है.
  • मार्च में गर्म परिस्थितियों के कारण शीतकालीन पैरालंपिक खेलों को और भी बड़ा खतरा है, जिससे खेलों को जनवरी में स्थानांतरित करने या ग्रीष्मकालीन विषयों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है.
  • शीतकालीन ओलंपिक का भविष्य वैश्विक जलवायु कार्रवाई पर निर्भर करता है; 95% एथलीटों को डर है कि उनके खेलों के लिए जल्द ही कोई जगह नहीं बचेगी.

More like this

Loading more articles...