AI: नई वैश्विक शक्ति की दौड़ – कंपनियां नहीं, राष्ट्र प्रभुत्व के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं
C
CNBC TV1804-02-2026, 22:47

AI: नई वैश्विक शक्ति की दौड़ – कंपनियां नहीं, राष्ट्र प्रभुत्व के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल कंपनियों के बीच एक तकनीकी दौड़ नहीं रही है, बल्कि यह राष्ट्रों के बीच एक भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बन गई है, जैसे अतीत में तेल या खनिजों के लिए होती थी.
  • लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स के हेमंत मोहपात्रा का कहना है कि AI आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण भविष्य के वैश्विक नेतृत्व को निर्धारित करेगा, AI को अब एक राष्ट्रीय संसाधन माना जा रहा है.
  • वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र खंडित हो रहा है, विशेष रूप से हार्डवेयर और चिप-निर्माण स्तरों पर, जिससे यूरोप, चीन और अमेरिका जैसे प्रमुख क्षेत्र स्वतंत्र AI "द्वीप" बना रहे हैं.
  • भारत डेटा नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करके, घरेलू फाउंडेशन मॉडल (जैसे सर्वम) में निवेश करके, और सेमीकंडक्टर विनिर्माण और पैकेजिंग क्षमताओं को विकसित करके AI संप्रभुता की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है.
  • AI नेतृत्व का भविष्य उन राष्ट्रों का होगा जो AI आपूर्ति श्रृंखला को नियंत्रित करते हैं, अपने डेटा की रक्षा करते हैं, घरेलू मॉडल बनाते हैं और चिप पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करते हैं, जिससे यह राष्ट्रीय संप्रभुता का मामला बन जाता है.

More like this

Loading more articles...