गेहूं में खरपतवार नियंत्रण: कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से बढ़ाएं उपज.

गया
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News18•27-12-2025, 20:57
गेहूं में खरपतवार नियंत्रण: कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से बढ़ाएं उपज.
- •गेहूं की फसल में दो प्रकार के खरपतवार होते हैं: संकरी पत्ती वाले (जैसे मोथा, जंगली जई) और चौड़ी पत्ती वाले (जैसे गाजर घास, बथुआ).
- •खरपतवारों के 2-3 पत्ती अवस्था में होने पर और सिंचाई के बाद मिट्टी बहुत गीली न होने पर ही छिड़काव प्रभावी होता है.
- •कृषि विज्ञान केंद्र अमास, गया के वरिष्ठ वैज्ञानिक विमलेश कुमार पांडे ने चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए बुवाई के 20 दिन बाद 2,4-D सोडियम साल्ट (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) के छिड़काव की सलाह दी है.
- •संकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए आइसोप्रोट्यूरॉन का छिड़काव करें; यदि दोनों प्रकार के खरपतवार हों तो दोनों रसायनों को मिलाकर छिड़काव करें.
- •छिड़काव के 5-7 दिनों के भीतर खरपतवार मर जाते हैं, जिससे फसल हरी-भरी, स्वस्थ होती है और उपज व गुणवत्ता बढ़ती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सही समय पर खरपतवार नियंत्रण से गेहूं की फसल की उपज और गुणवत्ता बढ़ती है.
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