मां निरक्षर, पिता आठवीं पास: बेटी बनी गांव की पहली गैजेटेड अधिकारी, स्कूल व्याख्याता में 11वीं रैंक
मां निरक्षर, पिता आठवीं पास: बेटी बनी गांव की पहली गैजेटेड अधिकारी, स्कूल व्याख्याता में 11वीं रैंक
- •बाड़मेर के चूली गांव की सरोज राठौड़ ने स्कूल व्याख्याता (इतिहास) परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर गांव की पहली गैजेटेड अधिकारी बनीं.
- •सरोज की मां निरक्षर हैं और पिता आठवीं पास किसान हैं, लेकिन परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी.
- •सीमित संसाधनों के बावजूद, सरोज ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया.
- •सरोज अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और गुरु कैलाश कंवर भाटी व गणपत सिंह राजपुरोहित को देती हैं.
- •उनका अगला लक्ष्य राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी बनना है, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं.