लता-किशोर का 'क्या यही प्यार है': अमर प्रेम की धुन जो सिखाती है सच्चा प्यार कभी बूढ़ा नहीं होता.
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News1801-03-2026, 07:11

लता-किशोर का 'क्या यही प्यार है': अमर प्रेम की धुन जो सिखाती है सच्चा प्यार कभी बूढ़ा नहीं होता.

  • 1981 में रिलीज हुआ 'रॉकी' फिल्म का गाना 'क्या यही प्यार है' लता मंगेशकर और किशोर कुमार की अमर रचना है.
  • आर.डी. बर्मन की मनमोहक धुन और आनंद बख्शी के गहरे बोल ने इसे कालातीत बना दिया.
  • लता दीदी की मखमली आवाज और किशोर दा की आकर्षक शैली ने गाने को सदाबहार बना दिया.
  • 'क्या यही प्यार है... हां यही प्यार है... ओ दिल तेरे बिन कहीं लगता नहीं, वक्त गुजरता नहीं' जैसे बोल आज भी दिलों को छूते हैं.
  • यह गाना प्रेम की शुद्ध अभिव्यक्ति है जो पीढ़ियों को जोड़ता है और रोमांस की यादें ताजा करता है.

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