वहीदा रहमान का 'महबूब मेरे' 59 साल बाद भी दिलों पर राज कर रहा है
वायरल सोशल
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News1803-02-2026, 10:26

वहीदा रहमान का 'महबूब मेरे' 59 साल बाद भी दिलों पर राज कर रहा है

  • 1967 की फिल्म 'पत्थर के सनम' का गाना 'महबूब मेरे' आज भी हर आशिक के दिल की आवाज माना जाता है.
  • वहीदा रहमान के नाजुक हाव-भाव और भावपूर्ण अभिनय ने इस गाने को अमर बना दिया है.
  • लता मंगेशकर और मुकेश की जादुई आवाजें, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत के साथ, गहरी भावनात्मकता पैदा करती हैं.
  • लगभग 59 साल बाद भी, इस गाने की मिठास और गहराई श्रोताओं को प्यार की उसी भावना में डुबो देती है.
  • यह उस युग की सादगी, शालीनता और गहराई को दर्शाता है जब प्यार शब्दों और धुनों के माध्यम से महसूस किया जाता था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वहीदा रहमान का 1967 का गाना 'महबूब मेरे' आज भी प्यार का एक सदाबहार गीत बना हुआ है.

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