
यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि क्या S-500 का उत्पादन भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देगा।
S-500 को आधुनिक युद्ध में गेम-चेंजर बताया गया है, जो संभावित रूप से S-400 को मारक क्षमता, गति और अंतरिक्ष रक्षा जैसी क्षमताओं में पीछे छोड़ सकता है।
भारत में S-500 प्रणाली की तैनाती के लिए कोई विशिष्ट समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, रिपोर्टों से बीईएल और बीडीएल को शामिल करते हुए भारत-रूस के संभावित संयुक्त उत्पादन का संकेत मिलता है।