
हाँ, नक्सलवाद के पॉकेट्स अभी भी बने हुए हैं, हालांकि वे काफी कम हो गए हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग ने बहुआयामी दृष्टिकोण के माध्यम से नक्सलवाद से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विकास और सुशासन की पहलें पूर्व नक्सलियों को मुख्यधारा के समाज में एकीकृत करके और प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति को बढ़ावा देकर स्थायी शांति में योगदान करती हैं।