नक्सलवाद उन्मूलन के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों में निरंतर सुरक्षा अभियान, विकास पहल और पुनर्वास नीतियाँ शामिल हैं।
सरकार प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास नीतियों और विकास पहलों के माध्यम से नक्सलवाद की सामाजिक-आर्थिक जड़ों का समाधान कर रही है।
नक्सली आतंक की घोषित समाप्ति के बाद आंतरिक सुरक्षा के लिए प्राथमिक चुनौती और निहितार्थ शहरी क्षेत्रों में चरमपंथी विचारधाराओं की निरंतर उपस्थिति और प्रसार है, जिसे "शहरी नक्सलवाद" कहा जाता है।