
जयपुर के मोती डूंगरी मंदिर में च्यवनप्राश को प्रसाद के रूप में वितरित किया जा रहा है।
हाँ, बच्चे और युवा प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं, क्योंकि इसे विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भक्तों और प्रतिभागियों को वितरित किया जाता है।
यह नहीं बताया गया है कि क्या अन्य मंदिर पंचामृत अभिषेक से च्यवनप्राश बनाने की अनूठी प्रसाद परंपरा को अपनाएंगे।