
राजस्थान में अनिवार्य पीएनजी कनेक्शन के कारण एलपीजी उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन खोना पड़ेगा, यदि वे उन स्थानों पर तीन महीने के भीतर स्विच नहीं करते हैं जहाँ पीएनजी पाइपलाइनें उपलब्ध हैं [1][4]।
एलपीजी (LPG) के बजाय पाइप से आने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) को बढ़ावा देने की सरकार की पहल से एलपीजी सिलेंडरों की मांग में कमी आने की संभावना है, जिससे एलपीजी की बिक्री में संभावित कमी के कारण गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों पर असर पड़ेगा।
सरकार राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार करने की तैयारी कर रही है [1]। इस विस्तार का उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करना [2][3] और स्वच्छ, सुरक्षित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है [1]।