'काम खत्म होने तक' की नीति पर कंपनी की मेल से 'टॉक्सिक माहौल' पर बहस.

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News18•20-12-2025, 17:55
'काम खत्म होने तक' की नीति पर कंपनी की मेल से 'टॉक्सिक माहौल' पर बहस.
- •एक कंपनी के आधिकारिक मेल में ऑफिस के घंटे 'सुबह 9:30 बजे से काम खत्म होने तक' बताए गए, जिसमें 10-12 घंटे काम की उम्मीद है.
- •एक रेडिट यूजर ने स्टार्टअप की इस जॉब लिस्टिंग को साझा किया, जिसमें 'अवास्तविक मांगों' पर प्रकाश डाला गया.
- •कंपनी ने लंबे घंटों को यह कहकर उचित ठहराया कि 'कुछ भी मूल्यवान बनाने में समय लगता है'.
- •इंटरनेट यूजर्स ने इस नीति की आलोचना की, इसे 'आवेदन न करने की चेतावनी' और बर्नआउट को सामान्य बनाने वाला बताया.
- •बहस में भारत में टेक पेशेवरों के लिए काम के माहौल पर भी चर्चा हुई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कंपनी की 'काम खत्म होने तक' की नीति ने जहरीले कार्य संस्कृति पर बहस छेड़ दी है.
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