बेंगलुरु की छुट्टी के बाद NRI ने अमेरिकी जीवन को 'उबाऊ' बताया, प्रामाणिकता की कमी महसूस की

वायरल
N
News18•28-01-2026, 18:11
बेंगलुरु की छुट्टी के बाद NRI ने अमेरिकी जीवन को 'उबाऊ' बताया, प्रामाणिकता की कमी महसूस की
- •एक 36 वर्षीय NRI ने बेंगलुरु में छुट्टी बिताने के बाद अमेरिकी जीवन को 'उबाऊ' और प्रामाणिकता रहित बताया.
- •उन्होंने भारत में सामाजिक मेलजोल की तुलना अमेरिका से की, जहाँ भारत में समूह चर्चा और हंसी-मजाक होता है, जबकि अमेरिका में बातचीत अक्सर पेशेवर होती है.
- •रेडिट पोस्ट, जिसका शीर्षक 'NYC/JC में उबाऊ जीवन' था, ने NRIs के बीच सामाजिक जुड़ाव में सांस्कृतिक अंतर पर बहस छेड़ दी.
- •टिप्पणीकारों ने विभिन्न कारण सुझाए, जिनमें व्यक्तिगत सामाजिक दायरे से लेकर भारतीय और पश्चिमी समाजों के बीच अंतर्निहित अंतर शामिल हैं.
- •यह चर्चा प्रवासियों के बीच भारत के समुदाय, सहज बातचीत और भावनात्मक गर्मजोशी की कमी महसूस करने की एक सामान्य भावना को उजागर करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक NRI ने अमेरिकी जीवन को 'उबाऊ' और बेंगलुरु के जीवंत माहौल से अलग बताया, जिससे सामाजिक प्रामाणिकता पर बहस छिड़ गई.
✦
More like this
Loading more articles...





