सोने की खदान है बलूचिस्तान, फिर भी लोग दाने को तरस रहे; आखिर पैसा जाता कहां है?

पाकिस्तान
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News18•26-01-2026, 15:08
सोने की खदान है बलूचिस्तान, फिर भी लोग दाने को तरस रहे; आखिर पैसा जाता कहां है?
- •प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा और सोने जैसे प्रचुर संसाधनों के बावजूद, बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत बना हुआ है.
- •बलूचिस्तान से निकाले गए संसाधनों से होने वाला राजस्व मुख्य रूप से संघीय सरकार और सेना से जुड़ी कंपनियों के पास जाता है, स्थानीय विकास में नहीं.
- •स्थानीय लोग CPEC को विकास के बजाय अपनी जमीन और अधिकारों को छीनने की प्रक्रिया मानते हैं, जिससे उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है.
- •ग्वादर बंदरगाह के तकनीकी विकास के बावजूद, आसपास के लोगों को स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सेवा और स्थिर रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं.
- •स्थानीय लोगों से परामर्श की कमी, गैर-बलूच श्रमिकों का प्रवाह और भारी सैन्य तैनाती से जनसांख्यिकीय परिवर्तन और सांस्कृतिक पहचान खोने का डर बढ़ गया है, जिससे CPEC परियोजनाओं पर आतंकवादी हमले होते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बलूचिस्तान के विशाल संसाधन संघीय संस्थाओं को समृद्ध करते हैं, जिससे स्थानीय लोग गरीब रहते हैं और CPEC पर नाराजगी बढ़ती है.
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