बांग्लादेश में अराजकता: शेख हसीना की विरासत 'तानाशाह' से 'स्थिरता प्रदाता' में बदल रही है.

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News18•19-12-2025, 19:00
बांग्लादेश में अराजकता: शेख हसीना की विरासत 'तानाशाह' से 'स्थिरता प्रदाता' में बदल रही है.
- •अगस्त 2024 के बाद शेख हसीना के निष्कासन के बाद बांग्लादेश में हिंसा, आगजनी और संस्थागत पतन बढ़ रहा है.
- •हसीना की विरासत पर धारणा 'तानाशाह' से 'स्थिरता प्रदाता' में बदल रही है, जिसने राज्य के पतन को रोका.
- •आलोचकों का तर्क है कि पश्चिमी "संदर्भ-अंध सक्रियता" ने बांग्लादेश को डेनमार्क जैसा समझा, उसकी नाजुक इतिहास और उदार विकल्प की कमी को नजरअंदाज किया.
- •हसीना को अब Jamaat-e-Islami जैसे कट्टरपंथी समूहों को नियंत्रित करने और नागरिक-सैन्य संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
- •वर्तमान अराजकता और कट्टरपंथी तत्वों के उदय के कारण पर्यवेक्षक हसीना युग की "स्थिरता" को नए व्यावहारिकता के साथ देख रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांग्लादेश में हसीना के बाद की अराजकता उनके विवादास्पद, फिर भी स्थिर शासन का पुनर्मूल्यांकन करा रही है.
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